केस 1 · बहू और संयुक्त परिवार

अलग चूल्हा

शादी के 6 महीने में बहू ने चूल्हा अलग कर दिया

क्या हुआ था

पति के मुताबिक़ शादी के कुछ ही समय बाद पत्नी ने नारनौल वाले संयुक्त परिवार के घर में सास-ससुर से अलग अपना चूल्हा कर लिया।

उसे इस बात पर भी एतराज़ था कि पति अपनी तनख़्वाह का कुछ हिस्सा अपने माँ-बाप को देता है।

दोनों दिल्ली चले गए, लेकिन नारनौल वाले घर में पत्नी ने अपना कमरा ताला लगाकर बंद रखा, जिससे सास-ससुर को परेशानी हुई।

पत्नी ने भी पति पर कई गंभीर आरोप लगाए। फ़ैमिली कोर्ट और हाई कोर्ट, दोनों ने उन्हें साबित नहीं माना।

दोनों पक्ष

पतिअलग चूल्हा, परिवार से पूरी तरह अलग होना और बंद कमरा, ये सब क्रूरता है।
पत्नीअपनी अलग गृहस्थी चाहना कोई जुर्म नहीं है।

आप जज होते तो?

नीचे फ़ैसला पढ़ने से पहले एक बार सोचिए। फिर रील के कमेंट में बताइए कि अदालत सही थी या ग़लत।

रील देखें
अदालत का फ़ैसला

हाई कोर्ट ने पति को तलाक़ देने का फ़ैसला बरक़रार रखा। अदालत ने कहा कि अलग चूल्हा करना, संयुक्त परिवार से पूरी तरह अलग हो जाना और कमरे पर ताला लगाकर सास-ससुर को परेशान करना, ये सब क्रूरता थी।

“The acts of cruelty were perpetrated by the appellant on day-to-day basis.”
Delhi High Court

इस केस से क्या सीखें

हर अलग घर की माँग क्रूरता नहीं होती। इस केस में अदालत ने पूरे बर्ताव को एक साथ देखा: अलग चूल्हा, परिवार से कटना और बंद कमरा।

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अदालत
दिल्ली हाई कोर्ट
केस
X v. Y
बेंच
जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस विनोद कुमार
फ़ैसला
अगस्त 2026
स्रोत
LiveLaw

यह पेज केस की सार्वजनिक रिपोर्ट पर आधारित है और सिर्फ़ जानकारी के लिए है, क़ानूनी सलाह नहीं। हर मामला अलग होता है; अपने मामले के लिए वकील या लीगल एड से बात करें। कोई ग़लती दिखे तो हमें बताएँ, हम ठीक करेंगे।